Skip to main content

Top Bmrit

Hard work never fails

2342610534154856043

अल्बर्ट आइंस्टीन के 65 रोचक तथ्य

अल्बर्ट आइंस्टीन के 65 रोचक तथ्य


अल्बर्ट आइंस्टीन के 65 रोचक तथ्य


आइंस्टीन का जन्म 14 मार्च 1879 को हुआ था और इसीलिए इस दिन को पूरी दुनिया में ‘जीनियस डे’ के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है।


अल्बर्ट आइंस्टीन खुद को नास्तिक नहीं बल्कि अज्ञेय मानते थे।


जब आइंस्टीन का जन्म हुआ तब इनका सिर बहुत बड़ा था तथा इन्होंने 4 साल की उम्र तक बोलना भी शुरू नहीं किया था. लेकिन एक दिन जब 4 साल के आइंस्टीन अपने माता पिता के साथ रात के खाने पर बैठे थे तो उन्होंने अपनी 4 साल की चुप्पी तोड़ते हुए कहा था ‘सूप बहुत गर्म है’।


जन्म के समय आइंस्टीन के सिर का आकार सामान्य शिशु के आकार से चार गुना बड़ा था।


वे स्कूल के दिनों में एक औसत छात्र थे लेकिन बचपन से ही उनका फेवरेट सब्जेक्ट गणित था।


बेशक परमाणु हथियार बनाने में उन्ही के दिए सूत्रों का अहम रोल है। लेकिन बाद में उन्हें इस बात का बहुत अफ़सोस हुआ कि उनके दिए सूत्र समूचे मानवता को ही खत्म कर सकते हैं।


वैसे तो आइंस्टीन ने एक से एक गूढ़ सिद्धांतो और सूत्रों की खोज की लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा प्रसिद्धि E=mc2 के लिए ही मिली।


जनरल थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी पर काम अंततः 1915 में आइंस्टीन ने पूरा किया।


आइंनस्टाइन के मन के अंदर विज्ञान के प्रति रूचि तब पैदा बुई जब उनकी उम्र पाँच साल थी और उनके पिता ने उन्हें एक Compass लाकर दिया।


आइंस्टाइन को सिगार पीना बहुत पसंद था।


अल्बर्ट आइंस्टीन अपने पुरे जीवन में कभी भी गणित विषय में असफल नहीं हुए. उन्होंने 15 साल की उम्र में कैलकुलस में महारथ हासिल की थी।


आइंस्टीन ने एक रेफ्रिजरेटर का आविष्कार किया जो ऑपरेटिंग के लिए अल्कोहल गैस का उपयोग करता था। 1926 में रेफ्रिजरेटर का पेटेंट कराया गया था लेकिन कभी उत्पादन में नहीं गया क्योंकि तब तक नई प्रौद्योगिकियां सामने आईं।


आइंस्टीन अंततः कैसर विल्हेम इंस्टीट्यूट फॉर फिजिक्स के निदेशक बने और 1913 से 1933 तक सेवा की।


नाजी गतिविधियों के कारण आइंस्टाइन को जर्मनी छोड़कर अमेरिका में शरण लेनी पड़ी।


आइंस्टीन का ये कहना था कि “मैं उस चीज को याद करने में क्यों दिमाग खर्च करूँ जो किताबों में खोजने से आसानी से मिल सकती है“, इसी वजह से वे गणित और फिजिक्स के कुछ ख़ास सूत्रों को भी याद नहीं रखते थे।


एक बार आइंनस्टाइन को उनके अजीब व्यवहार के कारण स्कूल से निकाल दिया गया और वह 17 साल की उम्र में college entrace के सारे Exams में गणित और विज्ञान को छोड़कर सभी विषयो में फेल हो गए थे।


आइंस्टीन की महान सफलताएं प्रयोगशाला के बजाय उनके सिर में किए गए दृश्य प्रयोगों से आईं।


आइंस्टीन एक बच्चे के रूप में एक धीमी गति से सीखने वाले थे और बहुत धीमी गति से बोलते थे।


जिस पैथोलॉजिस्ट ने आइंस्टीन के शरीर की शव परीक्षा की, उसके मस्तिष्क को चुरा लिया और उसे 20 साल तक जार में रखा।


आइंस्टीन अपने ऑटोग्राफ के लिए $5 और भाषण के लिए $1000 लेते थे ये सारा पैसा वह गरीबों में दान कर देते थे


ऐल्बर्ट आइंस्टाइन ने कभी भी मोज़े नहीं पहने और न ही जिंदगी में कभी शेविंग क्रीम का उपयोग किया


आइंस्टीन के नोबेल पुरस्कार का पैसा उनकी पूर्व पत्नी को तलाक के समझौते के रूप में मिला।


आइंस्टीन को इज़राइल की राष्ट्रपति पद की पेशकश की गई थी जिसे उन्होंने विनम्रता से अस्वीकार कर दिया था।


आइंस्टीन ने अपने विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा को विफल कर दिया और एक साल बाद फिर से आवेदन करना पड़ा।


आइंस्टीन को सापेक्षता के लिए कभी नोबेल पुरस्कार नहीं मिला। यह वास्तव में फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव के लिए था।


आइंस्टीन एक बुरी याद रखने के लिए प्रसिद्ध थे। उसे नाम, तारीख और फोन नंबर याद नहीं थे।


ऑस्ट्रियाई भौतिक विज्ञानी फ्रेडरिक हसनोह्रेल ने आइंस्टीन के किए जाने से एक साल पहले बुनियादी समीकरण E = mc2 प्रकाशित किया था।


अल्बर्ट आइंस्टीन की आँखें NYC में एक सुरक्षित बॉक्स में रहती हैं।


स्टार वार्स से योदा, अल्बर्ट आइंस्टीन की उपस्थिति के बाद मॉडलिंग की गई थी।


अल्बर्ट आइंस्टीन के पास खुद की कोई कार नहीं थी और उन्होंने यह भी नहीं सीखा कि कैसे गाड़ी चलाना है।


अल्बर्ट आइंस्टीन को मोजे पहनना पसंद नहीं था।


अल्बर्ट आइंस्टीन के मस्तिष्क में एक पार्श्विका लोब था जो औसत मस्तिष्क से 15% बड़ा था।


गैलीलियो गैलीली अल्बर्ट आइंस्टीन के पसंदीदा वैज्ञानिक थे।


अल्बर्ट आइंस्टीन ने अलगाव की निंदा की, इसे “गोरे लोगों की बीमारी” कहा और अमेरिका में नस्लवाद के खिलाफ काम किया।


आइंस्टीन अपनी खराब याददाश्त के लिए बदनाम थे। अक्सर वह तारीखें, नाम और फोन नंबर भूल जाते थे।


अपनी मृत्यु के कुछ घंटे पहले, आइंस्टीन अभी भी अपनी थ्योरी ऑफ एवरीथिंग को साबित करने का प्रयास कर रहे थे।


एक बार आइंनस्टाइन के गणित के प्रोफैसर ने उन्हे ‘Lazy dog’ तक कह दिया था क्योकि आइंनस्टाइन पढ़ाई में बहुत कमजोर थे।


1930 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने एक फ्रिज का पेटेंट कराया। यह कोई व्यावसायिक सफलता नहीं थी।


नाजियों ने आइंस्टीन के सिर पर 5,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम रखा था।


अल्बर्ट आइंस्टीन उन 5,000+ लोगों में शामिल थे, जिन्होंने समलैंगिकता पर जर्मनी के प्रतिबंध को पलटने के लिए एक याचिका पर हस्ताक्षर किए थे।


FBI के निदेशक जे एडगर हूवर जैसे कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने सोचा कि अल्बर्ट आइंस्टीन एक स्पष्ट जासूस थे।


अल्बर्ट आइंस्टीन की अपनी कोई कार नहीं थी और उन्होंने कभी नहीं सीखा कि कैसे ड्राइव करना है।


आइंनस्टाइन बढ़ीया काम करने के लिए रात को 10 घंटे तक सोते थे।


एक बार आइंस्टीन से किसी ने प्रकाश की गति पूछी तो वो कहते थे, मैं वो चीज याद नहीं रखता हूँ जो कि किताबों में देख के बताई जाती है


अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपनी पत्नी को धोखा दिया, उसकी वैज्ञानिक उपलब्धियों पर विश्वास किया, और घर के चारों ओर मदद करने से इनकार कर दिया और उसके हस्ताक्षर को एक अनुबंध बना दिया, जिसमें वह कमरे से बाहर जाने या अगर उसने उसे बताया तो बात करना बंद करने के लिए सहमत हो जाएगा।


यद्यपि वह एक समर्पित शांतिवादी थे, आइंस्टीन ने राष्ट्रपति रूजवेल्ट को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने नाजी जर्मनी के समक्ष एक परमाणु हथियार के विकास को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।


अल्बर्ट आइंस्टीन ने 1896 में सैन्य सेवा से बचने के लिए जर्मन किंगडम ऑफ वुर्टेमबर्ग में अपनी जर्मन नागरिकता का त्याग कर दिया और 5 वर्षों के लिए स्टेटलेस हो गए। उन्होंने फरवरी 1901 में स्विस नागरिकता, 1911 में ऑस्ट्रियाई नागरिकता और 1940 में अमेरिकी नागरिकता हासिल की।


आइंस्टीन, फ्रायड, हेनरी किसिंजर और गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन सभी शरणार्थी थे।


जब अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने थ्योरी ऑफ़ जनरल रिलेटिविटी को प्रकाशित किया, तो न्यूयॉर्क टाइम्स ने उनका साक्षात्कार करने के लिए उनके गोल्फिंग संवाददाता को भेजा।


टाइम मशीन की कल्पना सबसे पहले आइंस्टीन ने ही की है और इस विषय पर उन्होंने कई शोध भी लिखें हैं।


ऐसा माना जाता है कि जब आइंस्टीन ने सापेक्षता का सिद्धांत प्रतिपादित किया तो उस समय पूरी दुनिया में सिर्फ 2-4 वैज्ञानिक ही इस सिद्धांत को ठीक से समझ पाए बाकि किसी की समझ में ही नहीं आया।


बेशक परमाणु हथियार बनाने में उन्ही के दिए सूत्रों का अहम रोल है। लेकिन बाद में उन्हें इस बात का बहुत अफ़सोस हुआ कि उनके दिए सूत्र समूचे मानवता को ही खत्म कर सकते हैं।


आइंस्टीन बड़े सिर वाला मोटा बच्चा था


अल्बर्ट आइंस्टीन ने प्रसिद्ध रूप से कहा कि “यदि मधुमक्खी ग्लोब की सतह से गायब हो जाती है, तो मनुष्य को जीवित रहने के लिए केवल 1 वर्ष का समय होगा।”


1952 में अमेरिका ने ऐल्बर्ट आइंस्टाइन को इजरायल का राष्ट्रपति बनने की पेशकश की परन्तु आइंस्टीन ने यह पेशकश यह कहकर ठुकरा दी कि वह राजनीति के लिए नहीं बने


अल्बर्ट आइंस्टीन एक दिन में 3 मील चले, जबकि डार्विन हर दिन तीन 45 मिनट की पैदल दूरी पर थे।


अल्बर्ट आइंस्टीन के अंतिम शब्द जर्मन में एक नर्स से बात किए गए थे जो जर्मन नहीं बोलते थे और हमेशा के लिए खो जाते हैं।


अल्बर्ट आइन्स्टीन के प्रेम के किस्सो की 1 लम्बी list है।


उनकी मृत्यु के 20 साल बाद उनकी सौतेली बेटी ने उनके 1500 पत्र प्रकाशित किये जिनमें उनके लगभग 6 प्रेम संबंधो का खुलासा हुआ।


ज़्यूरिख पॉलिटेक्निक में आइंस्टीन के भौतिकी वर्ग की एकमात्र महिला ने उससे शादी की।


एक स्थान पर आइंस्टीन की तरह कपड़े पहने लोगों की रिकॉर्ड संख्या 404 है।


आइंन्स्टाइन का जन्मदिन 14 मार्च को पूरी दुनिया में ‘जीनियस डे’ के रूप में मनाया जाता है।


आइंस्टीन की मृत्यु 18 अप्रैल 1955 को हुई और उनकी मृत्यु के बाद वैज्ञानिकों ने उनका दिमाग रिसर्च करने के लिए निकाल लिया था।


आइंस्टीन को सोना बहुत अच्छा लगता था और इसी वजह से वे रोजाना कम से कम 10 घंटे सोते थे।


आइंस्टीन की सफलता ज्यादातर उन विजुअल प्रयोगों से आई है जो वह अपने दिमाग में चलाते थे। वह अपने सिद्धांतों का परीक्षण करने के लिए शायद ही कभी लैब में गया हो।




For any doubt

contact my email id.
Ranavines28@gmail.com